Axis Bank-Citibank deal: अब कितना बड़ा बन जाएगा एक्सिस बैंक, सिटी बैंक कस्टमर्स के लिए ये बदलाव आएंगे सामने – Navbharat Times

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भारत में सिटी ग्रुप के कंज्यूमर बिजनस में क्रेडिट कार्ड्स, रिटेल बैंकिंग, होम लोन्स और वेल्थ मैनेजमेंट शामिल है। कंज्यूमर बैंकिंग बिजनेस एक्सिस बैंक की झोली में आने के बाद सिटी बैंक इंडिया के 30 लाख ग्राहक, अब एक्सिस बैंक का हिस्सा होंगे। सिटीबैंक इंडिया की भारत में 35 शाखाएं हैं। अधिग्रहण के बाद एक्सिस बैंक को 18 शहरों में सिटी बैंक के 7 कार्यालयों, 21 शाखाओं और 499 एटीएम तक पहुंच प्राप्त होगी। यानी 21 शाखाएं और 499 एटीएम एक्सिस बैंक की शाखाओं और एटीएम के तौर पर काम करेंगे। सिटी बैंक के लगभग 3600 इन-स्कोप उपभोक्ता कर्मचारियों को एक्सिस बैंक में समाहित किया जाएगा।

चूंकि अधिग्रहण के बाद सिटी बैंक की 21 शाखाएं, एक्सिस बैंक शाखाओं के तौर पर कार्य कर सकती हैं, ऐसे में हो सकता है कि इन शाखाओं के आईएफएससी में बदलाव किया जाए। साथ ही सिटी बैंक की मौजूदा चेकबुक और पासबुक में भी बदलाव संभव है। अगर ऐसा हुआ तो एक्सिस बैंक की ओर से इस बारे में सूचित किया जाएगा। चेकबुक में बदलाव होने के मामले में पुराने चेकबुक्स को नए एमआईसीआर कोड वाले चेकबुक्स से रिप्लेस करने के लिए एक तय वक्त दिया जाएगा।

एक्सिस बैंक की लोन बुक में सिटीबैंक के Loan ग्राहक भी जुड़ेंगे। एक्सिस बैंक क्रेडिट कार्ड जारी करने वाला देश का चौथा सबसे बड़ा बैंक है और उसका टोटल बेस 86 लाख कार्ड्स का है। अधिग्रहण के बाद इस कार्ड बेस में सिटी बैंक की ओर से और 25.5 लाख कार्ड ऐड हो जाएंगे। इससे यह देश के शीर्ष 3 कार्ड व्यवसायों में से एक बन जाएगा। सिटीबैंक के ग्राहकों को पहले की तरह सभी प्रकार की सुविधाएं, ‘रिवॉर्ड’ और ऑफर्स का लाभ मिलता रहेगा। एक दशक पहले देश के कार्ड मार्केट में सिटी बैंक की हिस्सेदारी 20 फीसदी थी जो अब घटकर चार फीसदी रह गई है। एक्सिस बैंक की रिटेल बुक करीब चार लाख करोड़ रुपये की है। वहीं सिटी बैंक की रिटेल बुक करीब 68,000 करोड़ रुपये की है, जिसमें से रिटेल लोन की हिस्सेदारी 28,000 करोड़ रुपये है।
सिटी समूह ने भारत में कामकाज 1902 में शुरू किया था और उपभोक्ता बैंकिंग कारोबार में वह 1985 में उतरा था। सिटी समूह ने अप्रैल 2021 में अपनी वैश्विक रणनीति के तहत भारत में अपने उपभोक्ता बैंकिंग कारोबार से बाहर निकलने की घोषणा की थी। ग्रुप के कुल ग्लोबल प्रॉफिट में भारतीय बिजनस की हिस्सेदारी 1.5 फीसदी है। कंपनी ने भारत सहित 13 देशों में रिटेल बिजनस से निकलने का फैसला किया था।

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