Personal Finance Tips : हर किसी को समझनी होगी आपातकालीन निधि और वित्तीय योजना की अहमियत, इन बातों का रखें ध्.. – दैनिक जागरण (Dainik Jagran)

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Personal Finance Tips वित्तीय लक्ष्य दो प्रकार के होते हैं – अल्पकालिक और दीर्घकालिक। अल्पकालिक लक्ष्य आमतौर पर 3-5 साल के होते हैं। ये लक्ष्य ज्यादातर व्यक्तिगत स्तर के होते हैं जैसे कि गैजेट खरीदना कार खरीदना जिंदगी की घटनाओं जैसे कि विवाह आदि की योजना बनाना आदि।

नई दिल्ली, विभा पडलकर। पिछले साल महामारी के अचानक हुए वैश्विक प्रसार ने आर्थिक समस्याओं को जन्म दिया, जिससे कॉर्पोरेट वेतन में कटौती हुई और कुछ प्रभावित क्षेत्रों में छंटनी भी हुई। ऐसे अनिश्चित समय ही भविष्य को सुरक्षित करने के लिए एक आपातकालीन निधि और एक वित्तीय योजना के महत्व को बताते हैं। भारतीयों को वित्तीय उपकरणों के बारे में अधिक जागरूक होते देखना उत्साहजनक है। हालांकि, एक औसत भारतीय के लिए, वित्तीय साक्षरता अभी तक प्राथमिकता नहीं बनी है। एसऐंडपी के एक वैश्विक सर्वेक्षण के अनुसार, भारत में 25% से भी कम वयस्क आर्थिक रूप से साक्षर हैं।
हालाँकि, भारतीयों ने वित्तीय बचत के प्रति कुछ झुकाव दिखाया है (अब हमारे देश में घरेलू बचत का ~35%), ज्यादातर बैंक जमा जैसे अल्पकालिक साधनों में बचत करते हैं, जो जीवन स्तर के लक्ष्यों को पूरा करने में भूमिका नहीं निभाते हैं। ये लक्ष्य केवल जीवन के चरणों को इंगित नहीं करते हैं – उनके बारे में सोचने से दीर्घकालिक और अनुशासित बचत होती है, और इस प्रकार मिलते हैं बेहतर वित्तीय परिणाम!

एक लक्ष्य किस तरह मदद करता है?
अधिकांश व्यक्तियों का दृष्टिकोण पहले खर्च करो फिर बचाओ वाला होता है। आज के युवा, अक्सर अपने करियर की शुरुआत में ही जीवन के लिए जरूरी सामानों के लिए क्रेडिट कार्ड से भुगतान या ईएमआई के बोझ तले दब जाते हैं। इससे समस्या यह होती है कि बचत करने के लिए पैसा ही नहीं बचता। हालाँकि, यदि आप अपने अल्पकालिक और दीर्घकालिक वित्तीय लक्ष्य निर्धारित करते हैं, तो उनके लिए बचत करने के लिए आवश्यक राशि का निर्धारण करें, और योजना के प्रति प्रतिबद्ध रहें, तो आप स्वयं पर बोझ डाले बिना इन लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं और इस प्रक्रिया में और भी समृद्ध बन सकते हैं!

तथापि यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि लक्ष्य यथार्थवादी हों, समयबद्ध हों, और परिवार की वर्तमान व भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बनाए जाएं।
वित्तीय लक्ष्यों के प्रकार
वित्तीय लक्ष्य दो प्रकार के होते हैं – अल्पकालिक और दीर्घकालिक। अल्पकालिक लक्ष्य आमतौर पर 3-5 साल के होते हैं। ये लक्ष्य ज्यादातर व्यक्तिगत स्तर के होते हैं, जैसे कि गैजेट खरीदना, कार खरीदना, छुट्टियाँ बिताने के लिए विदेश जाना, उच्च शिक्षा के लिए बचत करना, जिंदगी की घटनाओं जैसे कि विवाह आदि की योजना बनाना आदि।

लंबी अवधि के लक्ष्य आमतौर पर 5 साल से अधिक समय के होते हैं। इनमें घर खरीदना, बच्चों की शिक्षा, बच्चों की शादी, सेवानिवृत्ति की योजना आदि शामिल हैं। कोई अपने प्रियजनों के लिए एक विरासत छोड़ना भी चाह सकता है। यह भी एक दीर्घकालिक लक्ष्य है।
वित्तीय लक्ष्य पाने का प्रॉसेस
पहले कदम के रूप में, आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आपका परिवार टर्म इंश्योरेंस प्लान के साथ पर्याप्त रूप से सुरक्षित है। यह एक छोटा सा खर्च है, जो सुनिश्चित करता है कि भले ही वे आपको खो दें, वे पैसे की समस्या बने बिना अपने लक्ष्यों और आकांक्षाओं का पीछा करना जारी रख सकते हैं। हालांकि, मैंने इसे पहले कदम के रूप में उल्लेख किया है, लेकिन ऐसा शायद ही होता है। अपनी मृत्यु के बारे में सोचना सुखद अनुभव नहीं है और इसलिए लोग विलंब करते हैं। फिर भी, मुझे टर्म प्लान के महत्व पर बहुत जोर देना ज़रूरी लगता है, क्योंकि इसके बिना, यह जुलाई की दोपहर में बन-ठन मुंबई की सड़कों पर बिना छतरी के घूमने जैसा होगा।

एक बार जब आप अपने परिवार को सुरक्षा दे देते हैं, तो आप उपलब्ध विभिन्न वित्तीय बचत और धन सृजन साधनों का मूल्यांकन कर सकते है, जैसे की एफडी, डाकघर बचत योजनाएं, जीवन बीमा बचत उत्पाद, एमएफ, इक्विटी, पीपीएफ, ईपीएफ, एनपीएस आदि। हालाँकि, इनमें से कुछ कर लाभ प्रदान करते हैं, लेकिन यह किसी खास साधन को चुनने का एकमात्र कारण नहीं होना चाहिए। कोई निवेश साधन चुनते समय उम्र, आय, जोखिम उठाने की क्षमता और आपकी संपत्ति और देनदारियों जैसे कई कारकों पर विचार किया जाना चाहिए।

यदि यह बोझिल लगने लगे, तो आप एक वित्तीय योजनाकार की मदद ले सकते हैं या ऐसे टूल और कैलकुलेटर का उपयोग कर सकते हैं जो वित्तीय वेबसाइटों पर स्वतंत्र रूप से उपलब्ध हैं। ये किसी की जोखिम उठाने की क्षमता, अल्पकालिक और दीर्घकालिक जरूरतों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करते हैं, जिससे व्यक्ति अपने लक्ष्यों की पहचान करने में सक्षम बनता है।
दीर्घकालिक वित्तीय लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए नियमित रूप से अनुशासित व व्यवस्थित रूप से बचत/निवेश करने की आवश्यकता है। लंबी अवधि में धन सृजन की प्रक्रिया में चक्रवृद्धि की शक्ति महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जीवन बीमा योजनाएं, एनपीएस, आदि ऐसे लक्ष्यों के लिए उपयुक्त हैं। इसके अलावा भी विभिन्न प्रकार के उत्पाद हैं, जो विभिन्न जोखिमों के अनुरूप हैं।

निष्कर्ष
अपने वित्तीय लक्ष्यों को रेखांकित करने से आप सही दिशा में शुरुआत कर सकते हैं। अनुशासित दृष्टिकोण, नियमित निगरानी और उपयुक्त परिसंपत्ति आवंटन के साथ आप इन सभी को प्राप्त कर सकते हैं।
(लेखिका HDFC Life की MD और CEO हैं। प्रकाशित विचार उनके निजी हैं।)

Copyright © 2022 Jagran Prakashan Limited.

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